पेंटीनाका-बरेला रोड से अतिक्रमण हटाने हाई कोर्ट ने दिए निर्देश
जबलपुर
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने पेंटीनाका-बरेला रोड से अतिक्रमण हटाने के सख्त निर्देश दिए हैं। साथ ही नगर निगम, जबलपुर के आयुक्त व मुख्य प्रशासनिक अधिकारी, बरेला को वेंडर जोन के लिए जगह देखने की जिम्मेदारी सौंपी है। मामला 80 फुट चौड़ी सड़क सुचारू यातायात के लिए खाली किए जाने की मांग से संबंधित है।
मुख्य न्यायाधीश मोहम्मद रफीक व जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की युगलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। इस दौरान जनहित याचिकाकर्ता जिला अधिवक्ता संघ, जबलपुर के पूर्व अध्यक्ष व स्टेट बार कौंसिल के मौजूदा उपाध्यक्ष आरके सिंह सैनी की ओर से अधिवक्ता राधेलाल गुप्ता ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि पेंटीनाका-बरेला रोड की वास्तविक चौड़ाई 80 फुट है। इसके बावजूद दोनों तरफ से अतिक्रमणों के चलते बेहद संकरी रोड बचती है। इससे सामान्य यातायात बाधित होता है। दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है। ठेले व टपरे सड़क की खूबसूरती पर बदनुमा दाग लगाते हैं। दुकानदारों द्वारा सड़क पर कचरा तक फेंक कर प्रदूषण किया जा रहा है। कोविड काल में इससे संक्रमण का खतरा बना हुआ है।
बहस के दौरान अवगत कराया गया कि यह जनहित याचिका 2006 से विचाराधीन है। समय-समय पर दिशा-निर्देश जारी किए गए। उनका पालन भी हुआ। लेकिन एक बाद हटाए गए अतिक्रमण फॉलोअप के अभाव में नए सिरे से जम गए। आलम यह है कि इस सड़क के दोनों तरफ मांस-मछली, अंडा-मुर्गा सब बेचा जाता है। इस सड़क के कायाकल्प के लिए 70 करोड़ का ठेका दिया गया। रोड-नाली और डिवाइडर बन चुके हैं। गौर नदी तिराहे पर कुछ लोगों ने अतिक्रमणों की हद कर दी है। घर व दुकानों के सामने 15 फुट तक निर्माण कर लिए हैं। इससे स्थिति बहुत खतरनाक हो गई है।

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